ओशियानिया में लगभग 1000 भाषाएँ बोली जाती हैं, जो अलग समूहों में बाँटे जाने पर मुश्किलें खड़ी करती हैं। मोटे तौर पर तीन समूह देखे जा सकते हैं:
• औस्ट्रोनेशी भाषाएँ
• पापुआ नया गिनिया की भाषाएँ जो औस्ट्रोनेशी नहीं हैं
• ऑस्ट्रेलिया की भाषाएँ
कुछ विचारधारायों के अनुसार प्रथम प्रवसन अफ्रीका से हुए थे व पापुआ व ऑस्ट्रेलिया के द्वीपों तक पहुँचे। इसे मानते हुए कुछ लेखक ऑस्ट्रेलियाई भाषायों के परिवार का सुझाव रखते हैं व एक भारतीय-प्रशांतीय परिवार का भी, जिसमें तस्मानी, जो लुप्त हो चुकी है, व अडंमान द्वीप समूह की भाषायें भी होंगी।
औस्ट्रोनेशी भाषाएँ जो मेलानेशी, पोलीनेशी व माइक्रोनेशी उपसमूहों में विभाजित हैं मुख्य तौर पर पोलिनेशिया, माइक्रोनेशिया व न्यूज़ीलैंड में फैली हैं। इस तरह से हमें पास्कुआ (रापा नुई) या हवाई (हवाई भाषा) से लेकर न्यूज़ीलैंड (माओरी) तक के द्वीपों में उदाहरण मिलते हैं। मालागाश, जो माडागास्कर में बोली जाती है, औस्ट्रोनेशी परिवार के अंदर ही आती है।
इनका वर्गीकरण आम तौर पर अनिवासित द्वीपों का हल्के-हल्के निवासित होना दिखाता है। औस्ट्रोनेशी भाषायों के बीच का नाता कप्तान कुक की प्रथम यात्रायों में दिखना शुरु हो गया था।
पापुआ नया गिनिया की भाषाएँ जो औस्ट्रनेशी नहीं हैं बहुत कम जानी जाती हैं। कुछ लेखक इन्हें तस्मानी व अंडमानी भाषायों से जुड़ा मानते हैं, व कुछ यह मानते हैं कि इनके बीच का अंदरुनी नाता तक दिखाया नहीं जा सकता है। काते इस समूह की भाषा है, जो तोक पिसिन के विस्तार से पहले की जनभाषा थी, व दानी भी, जो विश्व की उन कम भाषायों में से है जिन में रंगों के लिए सिर्फ़ दो शब्द ही हैं।
ऑस्ट्रेलिया की भाषायों के संदर्भ में, उन लगभग 750 में से जो की द्वीप पर यूरोपीयों के आने से पहले बोली जाती थीं, अब सिर्फ़ कुछ 200 ही बची हैं, जिनमें से काफी के अंतिम बोलने वाले ही बचे हैं।
इन हालातों के बावजूद भी ओशियानिया की भाषाएँ उपनिवेशवाद का दबाव नहीं सह पाई हैं व यह विश्व की वह जगह है जहाँ अधिकतम स्थानिक भाषाएँ लुप्त होती हैं। समोआ, समोआ की आधिकारिक भाषा जो कुछ 130000 लोगों द्वारा बोली जाती है, एक अपवाद है।
एक बहुत रोचक पहलू है बीच-ला-मार कहलायी जाने वाली भाषा का, जो अंग्रेज़ी, फ्रांसीसी, स्पेनी व भिन्न स्थानीय भाषायों का सम्मिश्रण है। यह भाषा प्रशांत के अ-फ्रांसीसी क्षेत्र में सेतु का काम करती है व और तो और इसका एक शब्दकोश है व इसमें साहित्य भी लिखा जाता है।
फ्रांसीसी व अंग्रेज़ी तकरीबन सारे ओशियानिया के देशों में आधिकारिक रूप में हैं। वानुआतु में, जहाँ अंग्रेज़ी, फ्रांसीसी व बिस्लामा आधिकारिक भाषाएँ हैं, व नया कालेदोनिया या फ्रांसीसी पोलीनेशिया (जहाँ आधिकारिक भाषा फ्रांसीसी है) को छोड़कर ओशियानिया के अधिकतर देशों में अंग्रेज़ी ही आधिकारिक भाषा है।
जापानी, चीनी व हिंदी भी ओशियानिया की भिन्न जगहों पर लाई गई हैं जैसे हवाई, जहाँ अभी तक चीनी व जापानी बोली जाती है, व फिजी द्वीप जहाँ अभी भी हिंदी के बोलने वाले हैं।
पापुआ नया गिनिया की भाषायों के संदर्भ में, जो विश्व की अधिकतम भाषाई विविधता का क्षेत्र है, कहा जा सकता है कि तोक पिसिन को आधिकारिक भाषा बना देना एक तरह से क्षेत्र की बाकि भाषायों के लिए ख़तरा पैदा कर रहा है।
ओशियानिया की भाषायों से निकले कुछ शब्द अंग्रेज़ी द्वारा बहुत फैल चुके हैं। इनमें से कुछ हैं उकेलेले (हवाई), ताबु व गोदना (तोंगा) व किवी (माओरी)। ऑस्ट्रेलिया की भाषायों से बुमरैंग शब्द आया है, जो असली में एक स्थानीय मानावजातीय समूह का नाम है, व कुछ जानवरों के नाम भी जैसे डिंगो, कोआला व कंगारु।